हर साल वही बारिश, हर साल वही कहानी
- फहीम खान नागपुर में मानसून की पहली जोरदार बारिश हुई और शहर ने फिर वही पुराना दृश्य दोहरा दिया. सड़कें नदी बन गईं, अंडरपास तालाब बन गए और वाहन नाव बनने की नाकाम कोशिश करते दिखाई दिए. लगता है जैसे बारिश का पानी हर साल यह जांचने आता है कि इस शहर के प्रशासन के दावे कितने मजबूत हैं, और हर बार उसे जवाब मिल जाता है. हर मानसून से पहले बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं. नालों की सफाई, जल निकासी की तैयारी, बाढ़ नियंत्रण की योजना और करोड़ों रुपये के कामों की लंबी सूची सामने आती है. लेकिन पहली ही तेज बारिश सारी तैयारियों की पोल खोल देती है. सवाल यह है कि अगर रात 11.30 बजे तक हुई 62.2 मिमी बारिश में ही यह शहर डूब जाता है, तो फिर इन तैयारियों का फायदा ही क्या है? गुरुवार की रात मनीष नगर से लेकर नरेंद्र नगर अंडरपास, लोहापुल, धंतोली, धरमपेठ, रामेश्वरी और कामगार नगर तक पानी भर गया. कई जगह लोगों के घरों में नाले का गंदा पानी घुस गया. अंडरपास बंद हुए, फ्लाईओवर झरने बन गए और सड़कें ऐसी दिखीं मानो किसी ने शहर में अचानक वाटर पार्क खोल दिया हो. असल समस्या सिर्फ बारिश नहीं है. वर्षों से अनियोजित विकास, सिकु...