नागपुर मनपा प्रशासन की सुनता कौन है?

नागपुर महानगर पालिका प्रशासन हमेशा यह दिखाने की कोशिश करता है कि नागपुर शहर में उसकी ही चलती है. इसके लिए उसने एनडीएस जैसा दल बना रखा है. अतिक्रमण विरोधी दस्ता बनाया गया है और साथ ही अन्य तरह की कार्रवाईयों के लिए भी उसने दस्तों का गठन कर रखा है. 


मनपा के अधिकारी हमेशा यह दिखावा करते है कि शहर में सबकुछ ठीक रखने के लिए वह कोशिश कर रहे है. इसके लिए कार्रवाई की जाती है, जिस वजह से लोग मनपा प्रशासन से डरते है. हालांकि ऐसे कई मौके आते हैं जब इस पर विश्वास नहीं बैठता. 

इसमें एक समस्या यह कि मनपा क्षेत्र की  सड़कों पर निर्माण सामग्री नहीं रखने की मनपा की नसीहत को कोई भी गंभीरता से लेता नहीं दिख रहा और दूसरी ओर सड़क पर खड़े रहने वाले आवारा पशुओं को लेकर भी मनपा प्रशासन की एक नहीं चल रही है. इन दोनों ही मामलों पर लोग यह कहने लगे हैं कि मनपा प्रशासन इस पर न ही बोले तो ज्यादा अच्छा होगा.

शहर की सड़कों पर निर्माणकार्य में इस्तेमाल की जानेवाली सामग्री रखना, फैलाने पर मनपा प्रशासन ने पाबंदी लगा रखी है. ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान भी किया गया है. ऐसी कार्रवाई आम नागरिकों पर तो होती है लेकिन शहर के बड़े लोगों पर इसका असर होता नहीं दिखता. बड़े अस्पताल का निर्माण, बड़े बिल्डरों की इमारतों का निर्माण जब होता है तो उनकी निर्माण सामग्री सड़क पर खुलेआम डाल दी जाती है. इसके खिलाफ शिकायत करने वालों की सुनवाई तक नहीं होती है. 



इसी तरह पीछले कई वर्षों से शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं के खड़े रहने की समस्या वाहन चालकों के सिरदर्द का सबब बनी हुई है. लेकिन मनपा प्रशासन ने अबतक इसका कोई तोड़ नहीं निकाला है. हालांकि मनपा प्रशासन अक्सर यह कहता दिखता है कि वह नियम तोड़ने वालों पर सख्ती बरतेगा, लेकिन ऐसा होता नहीं है. आवारा पशुओं का मामला ऐसा ही है. इसके लिए एक स्वतंत्र विभाग चलाया जा रहा है. आवारा पशुओं को कैद कर रखने और उनके मालिकों से जुर्माना वसूलने के लिए शहर में मनपा ने विभाग बनाया है, उसे वाहन उपलब्ध कराए है. लेकिन मजाल है कि यह विभाग इस समस्या को खत्म करने की सोचे. 



साहब, सोचे भी क्यों भला? आखिरकार समस्या है तो विभाग भी चलाया जा रहा है. कहीं यह डर न सता रहा हो इस विभाग के अधिकारियों को कि इस समस्या को खत्म कर देंगे तो विभाग पर ताला पड़ जाएगा. इन मामलों को देखने के बाद कौन है जो यह कहे कि नागपुर में मनपा प्रशासन की कुछ चलती है. 

@फहीम खान

Fahim Khan

A Journalist now working for Lokmat Media pvt ltd. As a Dy. Chief Sub Editor. Specially deals in Naxal and tribal matter. Work as a Sr. Journalist for more than 10 years. After worked in Gadchiroli, worked 3 years at Amravati. From 2014 working at Nagpur.

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