लीड बैंक तक ने नहीं खुलवाए आधार केंद्र

बैंक खातों को आधार से लिंक करने सेंटर खुलवाने के दिए गए थे निर्देश
फहीम खान, 8483879505
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केंद्र सरकार आधार को सभी जरूरी सेवाओं से जोड़ने के प्रयास में जुटी हुई है. इसमें बैंक में अपने खाते को आधार से लिंक करना भी शामिल है. अभी तक सभी बैंक ग्राहकों के खाते आधार से लिंक नहीं हुए हैं. इसी वजह से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने सभी बैंकों को आधार को बैंक खातों से लिंक करने के लिए ब्रांच में जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं. लेकिन ‘मेट्रो एक्सप्रेस’ ने जब इसकी पड़ताल की तो इस चौकाने वाली बात का खुलासा हुआ कि अबतक लीड बैंक तक इस पर अमल नहीं कर पाई है. पेश है मेट्रो एक्सप्रेस की रिपोर्ट.
यूआईडीएआई ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे 30 सितंबर तक अपनी 10 फीसदी शाखाओं पर आधार पंजीकरण केंद्र खुलवा दें. अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो 1 अक्टूबर से बैंकों को 20 हजार रुपए प्रति ब्रांच जुर्माना देना पड़ सकता है. इस मामले की पड़ताल करते हुए एमई ने जब जानकारी जुटाई तो यह चौकाने वाली बात पता चली कि अबतक किसी भी बैंक ने अपनी शाखाओं में ऐसी व्यवस्था ही नहीं की है. जबकि पहले ये व्यवस्था कराने के लिए अगस्त महीने तक का समय दिया गया था. लेकिन तबतक किसी ने भी पहल नहीं करने पर आखिरकार प्राधिकरण के सीईओ अजय भूषण पांडे को फटकार लगाते हुए बैंकों को  30 सितंबर तक ही समय होने की बात कहनी पड़ी है.
मेट्रो एक्सप्रेस ने जब शहर की अलग -अलग बैंकों के अधिकारियों से बात की तो ज्यादातर ने इस मामले में नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि आधार पंजीयन और अपडेशन के लिए सेंटर खोलने के निर्देश पर वो तुरंत एक्शन तो लेंगे लेकिन इतने कम समय में कामकाज कैसे होगा, ये समझ से परे है. बैंक अधिकारी कहते है कि बैंकों में अपना नेटवर्क चलता है. ऐसे में यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाकर ये सारी प्रक्रिया करने के लिए हमारे कर्मियों को जरूरी ट्रेनिंग कब और कैसे दी जाएगी इसे लेकर भी वो चिंता में है. बैंक अधिकारियों का मानना है कि केवल निर्देश देने से काम नहीं चलेगा. प्रैक्टिकली सोचना होगा. अधिकारी कहते है कि इतने कम समय में बैंकों से जो उम्मीद की जा रही है वो नियमित बैंकिंग के काम के साथ पूरे करना दिक्कतोंभरा साबित होने वाला है. अधिकारी मानते है कि सरकार की ओर से निजी केंद्रों से आॅपरेट हो रहे आधार के कामों को सरकारी कार्यालयों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है.
लीड बैंक में 10 ब्रांच सलेक्ट
उधर इस निर्देश के जारी होने के पहले अगस्त महीने में अपनी किसी भी ब्रांच में ऐसी सुविधा शुरू नहीं करने वाली लीड बैंक ने आदेश के तुरंत बाद ही एक्शन दिखाते हुए नागपुर जोन के लिए अपनी 10 ब्रांच में ये फैसिलिटी खोलने का निर्णय लिया है. उल्लेखनीय है कि लीड बैंक के नागपुर जोन में नागपुर, गढ़चिरोली, भंडारा और गोंदिया जिला शामिल है इसके लिए उन्होंने प्लानिंग भी बना ली है और प्रस्ताव भी भेज दिया गया है. लेकिन अन्य सरकारी और निजी बैंकों द्वारा आधार केंद्र खुलवाने को लेकर अभी क्या प्लानिंग की जा रही है इस संबंध में कोई कुछ भी नहीं बता पा रहा है.
निर्देश पर अमल करेंगे
यूआईडीएआई ने सभी बैंकों के लिए जो निर्देश दिए है उस पर अब काम शुरू होगा. हालांकि ये सभी को अपने -अपने स्तर पर कराना है. सभी बैंक के मुख्यालयों द्वारा अपनी शाखाओं को आइडेंटिफाई किया जाएगा और लिस्ट बनाकर जल्द से जल्द इस पर अमल किया जाएगा.
- अय्युब खान, लीड डिस्ट्रीक्ट मैनेजर
लीड बैंक क्या होता है?
हर जिले में एक लीड बैंक होता है. ये योजना बैंकिंग व्यवस्था सुधारने के लिए 1969 में शुरू की गई थी. गाडिगल समिति ने इसकी सिफारिश की थी. नरीमन समिति ने इसकी औपचारिकताओं को अंतिम रूप दिया. एक बैंक को लीड बैंक घोषित कर दिया जाता है. ये ऋणों की योजना बनाने, विशिष्ट कार्यक्र मों में दूसरे बैकों का सहयोग लेने आदि में समन्वय प्रस्थापित करती है.

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