विज्ञापनों से रंग दीं दीवारें

विज्ञापनों से रंग दीं दीवारें
-ऐसे होगा शहर का सौंदर्यीकरण?
-कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रही हिम्मत
-नियमों को धता बताने का सिलसिला जारी
फहीम खान, 8483879505
शहर में सुंदर बनाए रखने की कवायद के तहत कुछ महीनों पहले नागपुर महानगर पालिका प्रशासन ने निर्णय लिया था कि शहर क्षेत्र के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कोई भी अवैध रूप से विज्ञापन नहीं लगा सकता है. विज्ञापनों के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों की सुंदरता को खराब करने वालों के खिलाफ जुर्माने का भी प्रावधान किया गया. लेकिन इस नियम को मनपा के ही अधिकारियों-कर्मियों ने भुला दिया है. जिसके चलते व्यापारियों और निजी संस्थानों के संचालकों की हिम्मत बढ़ती जा रही है. लिहाजा शहर के ज्यादातर स्थानों को विज्ञापनों से पटा हुआ देखा जा सकता है. पेश है मेट्रो एक्सप्रेस की रिपोर्ट.
यह जो तस्वीरें आप देख रहे हैं, ये मेहंदीबाग में स्थित उड़ान पुल की दीवार की है. इन तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे पुल की दीवारों को विज्ञापनों से रंग दिया गया है. ये सारे विज्ञापन इस पुल की दीवार को भद्दा बना रहे हैं. उल्लेखनीय है कि कुछ ही महीनों पहले मनपा प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे विज्ञापन, होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ नियम बनाया था कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. भारी-भरकम जुर्माने का भी प्रावधान किया गया. लेकिन इस नियम के बावजूद अनेक सार्वजनिक स्थानों की दीवारें इन दिनों विज्ञापनों से पटी पड़ी नजर आ रही हैं.
उड़ा रहे धज्जियां
शहर के सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के विज्ञापन लगाने को लेकर नियम बनाया गया है. लेकिन ऐसा लगता है कि इस नियम पर कभी कोई कार्रवाई ही नहीं की गई. क्योंकि ऐसा कोई रिकॉर्ड ही मनपा के पास मौजूद नहीं है. नियम के बावजूद खुलेआम व्यापारी, निजी संस्थानों के संचालक इन नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे है. लेकिन जानकारी होकर भी कार्रवाई से बचा जा रहा है.
अपना ही नियम भूल गए
पेशे से टीचर विश्वनाथ कांबले का कहना है कि महानगर पालिका प्रशासन इस शहर को सुंदर शहर बनाने की कोशिश में है. ऐसे में सार्वजनिक स्थानों को इस तरह गंदा किया जाना ठीक नहीं है. मनपा प्रशासन को भी इस मामले में और सख्त होने की जरूरत है. यदि अपने ही नियम को मनपा कर्मी इस तरह भुला देंगे तो इस पर रोक लगाना मुश्किल हो जाएगा.
निर्माण विभाग में इंजीनियर सारंग वर्मा का कहना है कि शहर में कई सार्वजनिक स्थानों को इसी तरह गंदा किया जा रहा है. जरूरी है कि इसके खिलाफ कार्रवाई का रूख अपनाया जाए. यदि कुछ लोगों पर कड़ी कार्रवाई होती है तो औरों के लिए ये अच्छा सबक साबित होगा.

Fahim Khan

A Journalist now working for Lokmat Media pvt ltd. As a Dy. Chief Sub Editor. Specially deals in Naxal and tribal matter. Work as a Sr. Journalist for more than 10 years. After worked in Gadchiroli, worked 3 years at Amravati. From 2014 working at Nagpur.

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